Skip to main content

Posts

Showing posts from April, 2018

-ब्रायन ट्रेसी के मोटिवेशनल कोट्स

ब्रायन ट्रेसी का जन्म 5 जनवरी 1944 एक कनाडाई-अमरीकन आत्म-विस्वास और प्रेरक सार्वजानिक वक्ता और लेखक है वह सत्तर से अधिक पुष्तकों के लेखक हैं ,जिनका दर्जनों भाषाओँ में अनुवाद किया गया है। उनकी लोकप्रिय पुस्तकें ,अर्न व्हाट यू आर रियली ,इट दैट फ्रॉग! और द साइकोलॉजी ऑफ़ अचीवमेंट है आइये इनके मोटिवेशनल विचारों को जानते हैं।-ब्रायन ट्रेसी के  मोटिवेशनल कोट्स 1 जिंदगी में कॉम्बिनेशन लॉक जैसी जैसी होती है ,बस इसमें अंक ज्यादा होते हैं। अगर आप सही क्रम में सही नंबर घुमाएंगे तो ताला खुल जायेगा। ब्रायन ट्रेसी मैंने पाया है की भाग्य की भविष्यवाणी की जा सकती है। यदि आप अधिक भाग्य चाहते हैं ,तो ज्यादा जोखिम लें। ज्यादा सक्रीय बनें। ज्यादा बार नजर में आएं। ब्रायन ट्रेसी यहाँ नौकरी के क्षेत्र में सफलता पाने का तीन हिस्सों का सरल फार्मूला बताया जा रहा है : थोड़ी जल्दी आएं ,थोड़ी ज्यादा मेहनत से काम करें और थोड़ी ज्यादा देर तक ऑफिस में रुकें। इस फॉर्मूले का पालन करने पर आप अपने प्रर्तिस्पर्धाओं से आगे निकल जाएंगे की वे आपकी बराबरी नहीं कर पाएंगे। ब्रायन ट्रेसी सेल्सप...

मुनिश्री तरुणसागर जी के कड़वे प्रवचन

एक सेठ बीमार बीमार था। दवा खाने के बाद भी ठीक नहीं हो रहा था। आखिर वह हकीम लुकमान से मिला। लुकमान ने कुछ गोलिया दी और कहा -इन्हें तीन बार अपने माथे के पसीने में पिघलकर खा लेना। सेठ कुछ ही दिनों में ठीक हो गया। शिष्य ने कहा- गुरुदेव ! बड़ी चमत्कारी दवा है। लुकमान हँसा और बोला - दवा क्या उपलों की राख थी। पर उसे तीन बार माथे पर पसीने लेन के लिए बड़ी मेहनत  करनी पड़ी होगी। यह चमत्कार उसी पसीने का है। सच्ची नींद और स्वाद चाइये तो पसीना बहाना मत भूलना। जिंदगी में तीन चीजों का अर्जन जरूर करें। बचपन में ज्ञान का , जवानी में संपत्ति का और बुढ़ापे में पुण्य का। बचपन अध्यन के  बुढ़ापा आत्म-चिंतन के लिए है। किसी छात्र ने पूछा कितने घंटे पढ़ना चाहिए ? जिस क्लास  में हैं ,स्कूल के अलावा उतने ही घंटे ,10 वी में हों तो 10 घंटे और 12 वी  12 घंटे। अगर आप तरुणसागर का कहा मानें तो मैं आपसे एक निवेदन करना चाहूंगा की अपने मित्र,चरित्र को हमेसा रखें पवित्र क्यूंकि यही है जिंदगी का असली इत्र। आपको पता है की चरित्र के पतन में प्रायः गलत मित्रों और गलत चित्रों का हाथ होता है। गलत म...

कार्लोस स्लीम हेलु

कार्लोस स्लीम हेलु आज मैं एक ऐसे व्यक्तित्व के बारे बात करने जा रहा हूँ ,जिनसे आप बहुत  कुछ सिख कर अपने जीवन को और ज्यादा सुहाना बना सकते हैं।  लोग मुझे किस तरह से याद करेंगे यह सोंचकर मैं नहीं जीता हूँ। जिस दिन औरों के अभिप्राय के अनुसार आप जीना सुरु करोगेउसी दिन आपकी मृत्यु निश्चित समझो। उपर्युक्त अभिप्राय विश्व के सबसे अमीर आदमी कार्लोस स्लीम हेलु का है। उनका जन्म 28 जनवरी 1940 में मैक्सिको में हुआ था। आज वे 220 कंपनियों के मालिक हैं उनमें टेलीकम्यूनिकेशन , बैंक ,रेल्वे और होटल्स उनके मुख्य व्यवसाय हैं। आप मैक्सिको के सफर पर जाये और कार्लोस की किसी भी कंपनी का आपके खर्चे में से मुनाफा न हो ,ऐसी सम्भावना बहुत कम है। इसलिए लोग मिस्टर मोनोपोली के लाडले नाम से पहचानते हैं। द न्यूयोर्क टाइम्स कंपनी जब नुकसान कर रही थी तब कार्लोस ने 250 मिलियन डॉलर की लोन देकर कंपनी को बदनामी से बचाया था। मैक्सिको की जी.डी. पी. के करीब 7 प्रतिसत के मालिक हैं यदि बिल गेट्स को अमेरिका जी.डी .पी. के सात प्रतिसत डॉलर इकट्ठे करने हों तो उन्हें 101 मिलियन डॉलर इकट्ठे करने पड़ेंगे। ...

आपके पडोसी कैसे हैं ?

आपके पडोसी कैसे हैं ? चीजें हमें वैसी नहीं दिखती हैं जैसी वे हैं , बल्कि वैसी दिखती जैसी हम हैं। हमारा व्यव्हार ही हमारा आइना है। हम जैसे होंगे वैसे ही हमारे सामने वाले लोग भी होंगें। आप जैसे होंगे आपके पड़ोसी भी वैसे ही होंगें। यह एक ऐसे बुद्धिमान व्यक्ति की कहानी है , जो अपने गांव के बाहर बैठा हुआ था। एक यात्री गुजरा और उसने उस व्यक्ति से पूछा - इस गांव  में किस तरह के लोग रहते हैं ? क्यूंकि मैं अपना गांव छोड़कर किसी और गांव में बसने किओ सोंच रहा हूँ। तब उस बुद्धिमान व्यक्ति ने उस यात्री से सवाल किया -तुम जिस गांव को छोड़ना चाह रहे हो ,उस गांव में कैसे लोग रहते हैं ? उस यात्री ने कहा - बहुत स्वार्थी , निर्दयी और रूखे लोग रहते हैं।  बुद्धिमान व्यक्ति ने जवाब दिया - यहाँ भी बहुत स्वार्थी , निर्दयी और रूखे लोग ही रहते हैं। कुछ समय बाद एक दूसरा यात्री वहां आया ,उसने उस बुद्धिमान व्यक्ति से वही सवाल किया जो पहले यात्री ने किया था - यहाँ इस गांव में कैसे लोग रहते हैं ? तब फिर से उस बुदिमान व्यक्ति ने जवाब दिया - तुम जिस गांव को छोड़ना चाहते हो वहां के लोग कैसे हैं ? ...

सफलता का राजमार्ग

सफलता का राजमार्ग - असफलता ,सफलता हसिल करने का राजमार्ग है। आई.बी.एम.के टॉम वाटसन , सीनियर का कहना है - अगर आप सफल होना चाहते हैं तो अपने असफलता के दर को दूना कर दीजिये। सफलता की सारी  कहनियों के साथ महान असफलताओं की कहानी भी जुडी होती है। फर्क केवल इतना था असफलता के बाद वे जोश के साथ उठ खड़े हुए। इसे पीछे धकलने वाली नहीं , बल्कि बढ़ाने  वाली नाकामयाबी कहते हैं।  हम सीखते हुए आगे बढ़ते हैं। हम अपनी असफलताओं से सबक लेते हुए आगे बढ़ते हैं। सन 1914 में थॉमस एडीसन ( Thomas Edison ) की फैक्ट्री जल गई। उस समय उनकी उम्र 67 साल थी। एडिशन जवान नहीं रह गए थे। और फैक्ट्री का बिमा बहुत थोड़े पैसों का था। इसके बावजूद अपनी जिंदगी भर की म्हणत को धुआँ बन कर उड़ते देख कर उन्होंने कहा -यह बरबादी बहुत कीमती है और भगवान मुझसे कुछ और चाहता है। भगवन ने हमारी साडी गलतियों को जला दिया। मैं ईश्वर को धन्यवाद  देता हूँ की उन्होंने हमें नई शुरुआत करने का मौका दिया।  कितने महान विचार ? उस तबाही के तीन हफ्ते के बाद ही उन्होंने फोनोग्राफ का अविष्कार किया। क्...

अर्धजाग्रत मन का प्रोग्रामिंग किस उम्र में हो सकता है ?

अर्धजाग्रत मन का प्रोग्रामिंग किस उम्र में हो सकता है ? गर्भधारण के पहले  बच्चा माँ के पेट में आये  उससे पहले भी प्रोग्रामिंग हो सकती है। अगर पति-पत्नी साथ में बैठकर अपने आने वाले बच्चे के बारे में मानचित्रण  करे और उसके बाद गर्भधारण हो तो बच्चा बिलकुल वैसा होता है जैसा मनोचित्रण किया गया हो। गर्भ में गर्भधारण के दौरान बच्चे की बहुत अच्छी प्रोग्रामिंग हो सकती है। माँ के पेट में बच्चा सुन सकता है। उदाहरण के तौर पर महाभारत के अर्जुन पुत्र अभिमन्यु की चक्रभवयु की बात। माँ के गर्भ में अर्धजाग्रत मन की प्रोग्रामिंग हो सकती है। पालने में  प्रोग्रामिंग तब भी हो सकती है जब बच्चा पालने में होता है। छत्रपति शिवाजी इसका सर्वश्रेठ उदहारण हैं , जिसमें उनकी माता जीजाबाई ने पालने में लोरी गाते समय राम- लक्षमण के बहादुरी का वर्णन करती थी जिससे एक महान  योद्धा  बनने की प्रोग्रामिंग का इतिहास साक्षी है। हम भी अपने बच्चों को बचपन में ही एक अच्छे नागरिक बनने की प्रोग्रामिंग करके उन्हें शिवाजी और अभिमन्यु की तरह पराक्रमी बना सकते हैं। हम आये दिन देखते...

महिलाओं को पुरुषों की कौन सी बात पसंद नहीं आती ?

महिलाओं को पुरुषों की कौन सी बात पसंद नहीं आती ? पुरुषों को यह याद रखना चाहिए की महिलाएं दूसरे ग्रह से आई हैं और इसलिए जब वे समस्याओं के बारे में बात करती हैं तो समाधान नहीं , हमदर्दी चाहिए। निचे कुछ वाक्य दिए गए हैं जो महिलाएं ना पसंद करती हैं। तुम्हें इतनी चिंता नहीं करनी चाहिए।  परन्तु मैंने ऐसा तो नहीं कह रहा था।  यह कोई इतनी बड़ी बात नहीं है।  ओके , आई एम सॉरी। अब भूल भी जाओ।  तुम इस काम को कर क्यों नहीं देती ? परन्तु हम बातें तो करते हैं।  तुम्हें चोट क्यों पहुंची , मेरे कहने यह मतलब नहीं था।  तो तुम कहना क्या कहना चाहती हो ? परन्तु तुम्हें इस तरह नहीं सोंचना चाहिए।  तुम ऐसा कैसे कह सकती हो ? अभी पिछले हफ्ते ही तो मैंने तुम्हारे साथ पूरा दिन गुजारा था। हमें कितना मजा आया था।  ओके , तो अब बात को यहीं खत्म कर दें।  अच्छा बाबा , मैं आगँन साफ़ कर दूंगा। अब तो खुश ? मैं समझ गया। तुम्हें यह करना चाहिए....... देखो , हम इस बारे में कुछ नहीं कर सकते।  जो हुआ वह यह नहीं था।  हमें बस यही करना है की........ ...

पुरुष मंगल ग्रह से आये हैं , महिलाएं शुक्र ग्रह से आई हैं।

पुरुष मंगल ग्रह से आये हैं , महिलाएं शुक्र ग्रह से आई हैं। कल्पना कीजिये की पुरुष मंगल ग्रह से आये हैं और महिलाएं शुक्र ग्रह से। बहुत पहले बात है। एक दिन मंगल ग्रह के पुरुष अपनी दूरबीन से अंतरिक्ष में देख रहे थे। तभी उन्हें शुक्र ग्रह पर महिलाएं दिखी। सिर्फ उनकी एक झलक ने ही मंगल ग्रह के परुषों को मोहित कर दिया।  उन्हें पहली नजर में प्यार हो गया और वे तत्काल अंतरिक्ष यान बनाकर शुक्र ग्रह की तरफ चल पड़े। शुक्र ग्रह की महिलाओं ने मंगल ग्रह के परुषों का बाँहें फैलाकर स्वागत किया। वे सहज अनुभूति से जानती थीं की ऐसा दिन आएगा जब मंगल ग्रह के पुरुष उनके ग्रह पर आएंगे। उनके दिल में ऐसा प्रेम उमड़ रहा था जो उन्हें इससे पहले कभी महसूस नहीं हुआ था। मंगल ग्रह के पुरुषों और शुक्र ग्रह की महिलाओं का प्रेम जादुई था। उन्हें साथ रहने में आनंद आता था , साथ-साथ में काम करना अच्छा लगता था और एक दूसरे से बातें करते-करते नहीं थकते थे। हालाँकि वे अलग-अलग ग्रह के थे परन्तु आपसी भिन्नताओं के कारन उनका आनंद  बढ़ गया था।  उन्होंने एक-दूसरे को जानने , सिखने और समझने में महीनों लगा दिए। ताकि व...

SAFE SHOP में - RETAIL को Promotion

SAFE SHOP  में - RETAIL को Promote करने के  लिए और Retail की Capping की मजबूत नींव (Foundation )तैयार करने के कुछ solid IDEAS :- 1.  Self qualify. (ख़ुद को Product को daily use करो / खाओ - और हर  सप्ताह  - मंगवाओ ) 2.  हर नई joining के साथ ही Retails को ज़रूर बेचना है , हर प्लान मैं Retails को ज़रूर बताना है ! नई प्लान की Slide  में पहले से ये added है 3.     जानकार Medical store/ jim/ health supplement shop पर  भी हम इस Wellness product को रखवा सकते है और promote कर सकते है। 4.     Team मैं जितने भी  associates हैं  उन सबको Qualify करवाना है और लगातार प्रयोग करने के लिए  प्रोत्साहित करना है। 5.     हर लीडर जो अपनी सफलता के लिए सीरीयस है ,  उसको कुछ ना कुछ stock ख़ुद  पास  रखना चाहिए ताकी  team को service मिल सके , कोई प्रोडक्ट  इंतज़ार मैं ना रहे या  इंतज़ार में negative ना हो ! ( Stock  should be kept by every one )  ( Fresher 10  Package, Si...

Mr Narsi grewal sir

Popular posts from this blog

विस्वास हासिल करने का अचूक तरीका

आज के पोस्ट में मैं आपको बताने जा रहा हूँ की आप किसी भी इंसान का विस्वास हासील कैसे कर सकते हैं ? विस्वास के  काबिल बनें। असली टेस्ट यह नहीं है की क्या सामने वाला विस्वास करेगा ,बल्कि साली टेस्ट यह है क्या आपको इस पर विस्वास है ? जबकि गलती हम यह करते हैं की दुनिया को समझने की कोसिस करते हैं पर कहीं-न-कहीं शक हमारे दिमाग भी रहता है। अपने आप में विस्वास जगाने के लिए दूसरों का विस्वास हासिल करने का अनिवार्य नियम है-  अपने बिज़नेस का ज्ञान रखिये।  ..आधा-अधूरा  नहीं पूरा रखना होगा ,याद रखें आपके प्रोडक्ट्स की जितनी ज्ञान होगी जीत उतनी आसान होगी क्यूंकि आपके जंग के वही असली हथियार है -ज्ञान। चलते रहिये और ज्ञान बढ़ाते रहिये। दूसरों के विस्वास को जितने और बनाये रखने का एक और तेज तरीका विश्व के महान कूटनीतिज्ञ बेंजमिन फ्रेंक्लिन के नियम  का  पालन करना है- मैं कभी किसी के बारे में जितना अच्छा बोल सकता हूँ ,अच्छा बोलूंगा। अपने प्रतिद्विंदि का भी तारीफ करूँगा। अतिश्योक्ति के बजाय अंडरस्टेटमेंट या न्यूनोक्ति की आदत डालें। कार्ल की यह फिलॉसोफी याद रखें :...

कौन रोएगा आपकी मृत्यु पर ?

कौन रोएगा आपकी मृत्यु पर ? एक बहुत ही बेहतरीन किताब जो किसी भी व्यावसायिक व्यक्ति को आगे बढ़ने और जीवन को और प्रभावशाली तरीके से जीने में मदद करेगी इसे जरूर पढ़ें।  जीवन की त्राश्दी मृत्यु में नहीं बल्कि जीती जी अपने अंतर्मन को मार देने में है।  मैं आपसे वादा कर सकता हूँ की अपनी मृत्यु शैय्या पर जब आपका जीवन रौशनी के अंतिम कगार पर होगा आपको जीवन में जोखिमों का सामना करने के लिए जरा भी अफ़सोस नहीं होगा। बल्कि आपको खेद और दुःख होगा उन खतरों केर लिए जो आपने उठाया नाहिं , हरे धनिया में छिपा है खूबसूरती का राज अगर आप सोंचती हैं की की हरे धनिया का इस्तेमाल केवल चटनी या अन्य रेसिपी में सिर्फ गार्निश के तौर पर किया जाता है ,तो आज आपको बताते हैं धनिया का उपयोग आप अपने चेहरे पर भी कर सकते हैं। धनिया एक बेहतरीन ब्यूटी प्रोडक्ट्स है। आपके घर में रखा धनिया आपके चेहरे पर ग्लो ला सकता है। बस लेकिन इस बात का ध्यान रखें की आप जब भी आप अपने चेहरे पर प्रयोग करें , ताजी धनिया  का ही प्रयोग करें। धनिये की पाती में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण आपके चेहरे से पिम्पल्स ,एक्ने और झुर्रियों ...

महान दिन की शुरुआत करें

एक महान दिन की शुरुआत करें -एक महान दिन जीवन अच्छी तरह जिए गए दिनों की मोतियों के हार की पिरोयी गई श्रृंखला से ज्यादा कुछ नहीं होता। महान दिनों के लिए एकाग्र हों,और एक महान दिन का आना तय है।   अपने दिन की शुरुआत 10 चीजें लिखकर करें ,जिनके लिए आपको अपने जीवन में कृतज्ञ होना  है।  ३० मिनटों का समय लेकर  विवेक बढ़ाने वाला साहित्य से कुछ पड़ें ,ताकि आपका नजरिया फिर से बहाल कर सकें और खुद को आप प्रेरित कर सकें।  5 मिनट का समय लेकर अपने दिन की योजना बनाएं और उसके द्वारा एक ऐसा साँचा की रचना करें ,जिसके आधार पर आप दिन के बाकि घंटे बिताएं। इसके अतिरिक्त 3 ऐसे छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें ,जिन्हें आप इस दिन हर हालत में हासिल करेंगें।  ऐसे आहार लें ,जिसे एथिलीट अपने जीवन की सबसे अहम् स्पर्धा की तयारी करते हुए लेगा और प्रयाप्त मात्रा में पानी पियें  अपने दिन के अंत में ,अपने जर्नल में लिखकर गहराई से यह चिंतन करें की आपने इसे कैसे बिताया। अपने कार्यों का मूलयांकन करें और उन क्षेत्रों की पहचान करें, जिन्हें बेहतर करना है।  अपने दिन...