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Showing posts from June 14, 2017

-ब्रायन ट्रेसी के मोटिवेशनल कोट्स

ब्रायन ट्रेसी का जन्म 5 जनवरी 1944 एक कनाडाई-अमरीकन आत्म-विस्वास और प्रेरक सार्वजानिक वक्ता और लेखक है वह सत्तर से अधिक पुष्तकों के लेखक हैं ,जिनका दर्जनों भाषाओँ में अनुवाद किया गया है। उनकी लोकप्रिय पुस्तकें ,अर्न व्हाट यू आर रियली ,इट दैट फ्रॉग! और द साइकोलॉजी ऑफ़ अचीवमेंट है आइये इनके मोटिवेशनल विचारों को जानते हैं।-ब्रायन ट्रेसी के  मोटिवेशनल कोट्स 1 जिंदगी में कॉम्बिनेशन लॉक जैसी जैसी होती है ,बस इसमें अंक ज्यादा होते हैं। अगर आप सही क्रम में सही नंबर घुमाएंगे तो ताला खुल जायेगा। ब्रायन ट्रेसी मैंने पाया है की भाग्य की भविष्यवाणी की जा सकती है। यदि आप अधिक भाग्य चाहते हैं ,तो ज्यादा जोखिम लें। ज्यादा सक्रीय बनें। ज्यादा बार नजर में आएं। ब्रायन ट्रेसी यहाँ नौकरी के क्षेत्र में सफलता पाने का तीन हिस्सों का सरल फार्मूला बताया जा रहा है : थोड़ी जल्दी आएं ,थोड़ी ज्यादा मेहनत से काम करें और थोड़ी ज्यादा देर तक ऑफिस में रुकें। इस फॉर्मूले का पालन करने पर आप अपने प्रर्तिस्पर्धाओं से आगे निकल जाएंगे की वे आपकी बराबरी नहीं कर पाएंगे। ब्रायन ट्रेसी सेल्सप...

क्या कारण है की लोग ध्येय नहीं बनाते।

क्या कारण है की लोग ध्येय नहीं बनाते। क्या ध्येय वास्तव में जरुरी है ? बहुत से लोगों के कान में हावर्ड हिल का नाम सुनते ही घंटियाँ बजने लगती है।  वह शायद अब तक का महानतम धनुर्धर ( तीरंदाज ) था।  उसका निशाना इतना अचूक था की उसने धनुष और तीर की सहयता से एक नर हाथी , एक बंगाल के टाइगर और एक भैसें को मार गिराया था वह पहला तीर लक्ष्य के केंद्र पर भेजकर , अगले तीर से उसे छितरा देता था। अब मेरे अगले कथन से आपकी भौवें छह इंच ऊपर चढ़ जाएँगी। यदि आपका स्वास्थ ठीक है तो आप हॉवर्ड हिल को सर्वश्रेष्ठ दिन भी निशानेबाजी में हरा सकते थे। आप लक्ष्य को हॉवर्ड हिल  मुकाबले अधिक अटलता से वेध सकते थे और हो सकता है की  बच्चों वाले धनुष बाण के अलावा कुछ न चलाया हो तब भी। स्पस्ट है इसके लिए हॉवर्ड हिल के आँखों पर पट्टी बांधकर उसे एक  दो बार घुमाना जरुरी होता। फिर मैं गारंटी दे सकता हूँ की आप उपेक्षा से अधिक अटलता से लक्ष्य भेद देते। मुझे आशा है ,आप सोंच रहे होंगे की यह समानता बेतुकी है और आप कहेंगे , जाहिर है मैं लक्ष्य भेद देता , कोई आदमी लक्ष्य बिना देखे कैसे भेद सकता है ? ...

आप सच्चे सलेसमैन कैसे बन सकते हैं ?

आप सच्चे सलेसमैन कैसे बन सकते हैं ? 1 . कोई एक जरूरत खोजो और उसे पूरा कर दो। ऐसी चीज बेचना काफी मुश्किल है ,जिसकी किसी को जरुरत ही न हो , इसलिए तसल्ली कर लें की आप जो बेच रहे हैं , उसकी लोगों को सचमुच में जरुरत हो। 2 . चूँकि आपको अपना सामान बेचने से पहले खुद का अच्छा असर छोड़ना होगा, इसलिए यह महत्वपूर्ण है की पहले खुद को अच्छा समझें। खुद पर भरोसा करें। 3 . बेचने की इक्षा रखें। इक्षित वस्तुएं या सेवाएं में रोमांच महसूस करें। 4 . जोश से भरपूर रहें - उस किस्म का जोश , जो अपने काम और लोगों के बारे में रोमांचित बनाये रखे। 5. जोश का इतना ज्यादा प्रदर्शन भी न करें की सामने वाला दबाव महसूस करने लगे। इस स्थति में वह आपका प्रतिरोध करने लगेगा और आपकी बिक्री नहीं हो पायेगी। 6. शसक्त प्रेरणा विकसित करें , जो कभी काम न होने वाले गहरे आंतरिक जोश से मिलती है। 7. आधे दिमाग वाले न बने।  आधे-अधूरे नहीं ,बल्कि पुरे-पुरे बनें। काम में अपना पूरा मष्तिस्क ,अपना पूरा व्यक्तित्व झोंक दें। इस से वह प्रभाव पड़ेगा , जिस से सच्चे परिणाम हासिल होते हैं -सच्चे परिणाम। 8  . एकाग्रता रखें -...

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महान दिन की शुरुआत करें

एक महान दिन की शुरुआत करें -एक महान दिन जीवन अच्छी तरह जिए गए दिनों की मोतियों के हार की पिरोयी गई श्रृंखला से ज्यादा कुछ नहीं होता। महान दिनों के लिए एकाग्र हों,और एक महान दिन का आना तय है।   अपने दिन की शुरुआत 10 चीजें लिखकर करें ,जिनके लिए आपको अपने जीवन में कृतज्ञ होना  है।  ३० मिनटों का समय लेकर  विवेक बढ़ाने वाला साहित्य से कुछ पड़ें ,ताकि आपका नजरिया फिर से बहाल कर सकें और खुद को आप प्रेरित कर सकें।  5 मिनट का समय लेकर अपने दिन की योजना बनाएं और उसके द्वारा एक ऐसा साँचा की रचना करें ,जिसके आधार पर आप दिन के बाकि घंटे बिताएं। इसके अतिरिक्त 3 ऐसे छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें ,जिन्हें आप इस दिन हर हालत में हासिल करेंगें।  ऐसे आहार लें ,जिसे एथिलीट अपने जीवन की सबसे अहम् स्पर्धा की तयारी करते हुए लेगा और प्रयाप्त मात्रा में पानी पियें  अपने दिन के अंत में ,अपने जर्नल में लिखकर गहराई से यह चिंतन करें की आपने इसे कैसे बिताया। अपने कार्यों का मूलयांकन करें और उन क्षेत्रों की पहचान करें, जिन्हें बेहतर करना है।  अपने दिन...

समय का प्रबंधन करना

अपने समय का प्रबंधन करना समय का प्रबंधन एक सरल तंत्र है , जिसका उपयोग करके आप टालमटोल की आदत से उबर सकते हैं। इसमें आत्म-अनुसाशन , इक्षाशक्ति और व्यक्तिगत व्यवस्थापन की आवश्यकता होती है , लेकिन पुरुस्कार भी बहुत बड़े होते हैं। इस तंत्र का उपयोग करने से आपकी उत्पादकता,प्रदर्शन ,परिणाम और आमदनी दो-तीन गुना बढ़ सकती है। दिन की शुरुआत करने से पहले उस दिन करने वाले कार्यों की सूचि बना लें। सूची बनाने का सबसे अच्छा समय एक दिन पहले रात को होता है ,ताकि आपका अवचेतन मन आपके सोते समय भी इस गतिविधि-सूची पर काम कर सके। इसी वजह से सुबह जागने पर आपके मन में अक्सर ऐसे नए विचार आते हैं जिनसे आप दिन के कामों को ज्यादा कारगर तरीके से पूरा कर सकते हैं। फिर अपनी सूचि में ए , बी ,सी , डी , ई  विधि का उपयोग करें - ए = करना ही होगा - न करने का गंभीर परिणाम ; बी = करना चाहिए  - करने या न करने के हल्के परिणाम ; सी = करना अच्छा है - चाहे करें या न करें , कोई परिणाम नहीं होता ; डी = सौंपें - जो काम दूसरों को सौंप सकते हैं , उन्हें लोगों को सौंप कर आप उन कामों के लिए जयादा खाली करते...

प्रत्येक दिन

आपके जीवन की फिल्मन कैसी चल रही है ?क्या आपको सेहत पैसा या संबंधों में कोई परिवर्तन करने की जरुरत है ? क्या आप इसे संपादित करना चाहते हैं ? आज ही अपनी फिल्म में मनचाहे परिवर्तन करने का दिन है,क्यूंकि आज के ही परिवर्तन कल परदे पर दिखेंगे। आज ही परवर्तन का दिन है। आप अपने जीवन की फिल्म बना रहे हैं और यह आपके हाथों में है -प्रत्येक दिन। हालाँकि सिखने को बहुत कुछ है और अध्यन करने के लिए भी बहुत कुछ है ,लेकिन जीवन का सत्य आपके आस-पास के संसार की हर चीज में है ,बसर्ते आपके पास उसे देखने वाली आँख हो। यह सिर्फ हमारा अज्ञान और बनी-बनाई मान्यताएँ हैं ,जो हमें सत्य के प्रति अँधा कर देती है। अपने भीतर प्रश्न  पूछना जारी रखें ,सीखना जारी रखें ,निश्चित मान्यताओं को छोड़ना जारी रखें और सत्य सामने प्रकट हो जायेगा। "जब आप किसी महान उद्देश्य ,किसी असाधरण योजना से प्रेरित होते हैं ,आपके सरे विचार बंधन तोड़ देते हैं ;आपका मन सीमाएं पार कर जाता है ,आपकी चेतना का हर दिशा में विस्तार  और आप खुद को एक नए ,महान और अद्भुत संसार में पाते  हैं। निष्क्रिय शक्तियाँ ,योग्यताएँ तथा प्रतिभा...