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Showing posts from December 28, 2017

-ब्रायन ट्रेसी के मोटिवेशनल कोट्स

ब्रायन ट्रेसी का जन्म 5 जनवरी 1944 एक कनाडाई-अमरीकन आत्म-विस्वास और प्रेरक सार्वजानिक वक्ता और लेखक है वह सत्तर से अधिक पुष्तकों के लेखक हैं ,जिनका दर्जनों भाषाओँ में अनुवाद किया गया है। उनकी लोकप्रिय पुस्तकें ,अर्न व्हाट यू आर रियली ,इट दैट फ्रॉग! और द साइकोलॉजी ऑफ़ अचीवमेंट है आइये इनके मोटिवेशनल विचारों को जानते हैं।-ब्रायन ट्रेसी के  मोटिवेशनल कोट्स 1 जिंदगी में कॉम्बिनेशन लॉक जैसी जैसी होती है ,बस इसमें अंक ज्यादा होते हैं। अगर आप सही क्रम में सही नंबर घुमाएंगे तो ताला खुल जायेगा। ब्रायन ट्रेसी मैंने पाया है की भाग्य की भविष्यवाणी की जा सकती है। यदि आप अधिक भाग्य चाहते हैं ,तो ज्यादा जोखिम लें। ज्यादा सक्रीय बनें। ज्यादा बार नजर में आएं। ब्रायन ट्रेसी यहाँ नौकरी के क्षेत्र में सफलता पाने का तीन हिस्सों का सरल फार्मूला बताया जा रहा है : थोड़ी जल्दी आएं ,थोड़ी ज्यादा मेहनत से काम करें और थोड़ी ज्यादा देर तक ऑफिस में रुकें। इस फॉर्मूले का पालन करने पर आप अपने प्रर्तिस्पर्धाओं से आगे निकल जाएंगे की वे आपकी बराबरी नहीं कर पाएंगे। ब्रायन ट्रेसी सेल्सप...

गुलाब

आज मैं गुलाब लेने दुकान गया वहां पे मैंने जब गुलाब लिया तो मैंने दुकानदार से कहा भाई आप इसके कांटे हटा कर देना बढ़िया से पैक कर दो। फिर मैं सोंचने लगा की जब एक निर्जीव के काँटों को स्वीकार नहीं करते हैं तो फिर हम किसी सजीव के काँटों को स्वीकार कर सकते हैं ? कांटें तो सच में किसी को भी पसंद नहीं होता। आप यदि किसी के पास जाकर अपने काँटों (दुःख ,गुस्सा ,इत्यादि )को दिखने की कोसिस करेंगे तो क्या लगता है आपको जब आप और हम गुलाब के काँटों के साथ गुलाब को स्वीकार नहीं करते हैं तो कोई कैसे हमें काँटों के साथ स्वीकार कर सकता है ? सभी खिला हुआ ताजा गुलाब पसंद है अर्थात सभी को हँसता हुआ चेहरा ही पसंद है ,चाहे आपको कितनी तकलीफ है उस से कोई मतलब नहीं दुनिया को। एक और चीज मैंने सीखी की आपमें चाहे कांटे कितनी भी पर आप गुलाब की तरह खिल सकते हैं ,मुस्कुरा सकते हैं तो आपको लोग आपको भी आपके कांटे को साफ करके अपने पास रख सकते हैं। लोग को नकरात्मक भाव पसंद नहीं,नकरात्मक बातें पसंद नहीं हैं तो फिर आप लोगों के साथ नकरात्मक बात न करें क्यूंकि गुलाब के कांटे तो सिर्फ शरीर को तकलीफ देते हैं लेकिन आप...

ठंडी रोटी

एक लड़का था माँ ने उसका विवाह करा दिया था ,परन्तु कुछ कमाता नहीं था। माँ जब भी उसको रोटी परोसती थी ,तब वह कहती थी की बेटा -ठंढी रोटी खा लो। लड़के के समझ में नहीं आता था की माँ ऐसा क्यों कहती है  जबकि रोटी तो गरम है ,खैर उसको क्या उसको खाने से मतलब रहता था सो वो चुपचाप खा लेता।  कई दिन बित गए,एक दिन उसकी माँ किसी काम से बाहर गई तो जाते समय अपनी बहु (उस लड़के की स्त्री )-को कह गई की जब भी लड़का उसका खाने के लिए आये तो उसे रोटी परोस देना। रोटी परोस कर कह देना की ठंढी रोटी खा लो। उसने अपने पति से वैसे ही कह दिया तो वह चीड़ गया की माँ तो कहती ही थी तुम भी सिख गई। बता रोटी ठंडी कैसे हुई ? रोटी गरम है ,दाल गरम है ,साग  गरम है फिर तू ठंडी रोटी कैसे कहती हो ? वह बोली यह तो आप अपनी माँ से पूछो उन्होंने मेरे को बोला है बोलने को इसलिए मैंने आपसे बोला। वह गुस्से से आग-बबूला हो गया की माँ तो पहले कहती ही थी तू भी सिख गई और वो खाना नहीं खाया। माँ घर आई तो उसने बहु से पूछा क्या लड़के ने भोजन कर लिया ? वो बोली (बहु ) की उन्होंने तो भोजन किया नहीं उलटे नाराज हो गए ! म...

4 BASIC STEPS

हे भगवान्  मैं नेटवर्कर नहीं बनना नहीं चाहता था। लेकिन थैंक्स गॉड मैं नेटवर्कर बन गया क्यूंकि मैं आज मेरे पास सकरात्मक विचार है ,मानशिक शांति है ,स्वास्थ्य है ,सम्मान है ,पहचान है और पैसा भी। मैंने  जितने भी नेटवर्कर को देखा है सभी सफल नेटवर्कर धन-संपत्ति को सबसे अंत में रखते हैं अपने सभी उपलब्धियों में , क्यों रखते थे मुझे शुरुआत में पता नहीं चलता था क्यूंकि मुझे तो लगता था पैसा ही सबसे मत्वपूर्ण होता है पर आज मैं जिस मुकाम पे हूँ मुझे लगता है अगर आपके पास सेल्स के बारे आपके पास उचित ज्ञान हो तो आपके लिए भी यहाँ सफलता पाना बहुत आसान हो जायेगा और आप हमारी बात से सहमत हो जायेंगे।  अगर गाना एक कला है ,नाचना एक कला है ,अभिनय एक कला है उसी तरह बेचना भी एक कला है और सभी अन्य कलाओं की तरह भी।  अगर आपने गाना सीखा नहीं क्या आप गा सकते हैं ? आपने नाचना सीखा नहीं क्या आप नाच सकते हैं तो बिना सीखे आप बेच कैसे सकते हैं ,आपको कुछ भी बेचने के लिए सीखना पड़ेगा।  अब वैसे भी नेटवर्किंग सेक्टर में सफलता पाना पहले की उपेक्षा बहुत आसान हो गया है क्यूंकि आज के समय...

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महान दिन की शुरुआत करें

एक महान दिन की शुरुआत करें -एक महान दिन जीवन अच्छी तरह जिए गए दिनों की मोतियों के हार की पिरोयी गई श्रृंखला से ज्यादा कुछ नहीं होता। महान दिनों के लिए एकाग्र हों,और एक महान दिन का आना तय है।   अपने दिन की शुरुआत 10 चीजें लिखकर करें ,जिनके लिए आपको अपने जीवन में कृतज्ञ होना  है।  ३० मिनटों का समय लेकर  विवेक बढ़ाने वाला साहित्य से कुछ पड़ें ,ताकि आपका नजरिया फिर से बहाल कर सकें और खुद को आप प्रेरित कर सकें।  5 मिनट का समय लेकर अपने दिन की योजना बनाएं और उसके द्वारा एक ऐसा साँचा की रचना करें ,जिसके आधार पर आप दिन के बाकि घंटे बिताएं। इसके अतिरिक्त 3 ऐसे छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें ,जिन्हें आप इस दिन हर हालत में हासिल करेंगें।  ऐसे आहार लें ,जिसे एथिलीट अपने जीवन की सबसे अहम् स्पर्धा की तयारी करते हुए लेगा और प्रयाप्त मात्रा में पानी पियें  अपने दिन के अंत में ,अपने जर्नल में लिखकर गहराई से यह चिंतन करें की आपने इसे कैसे बिताया। अपने कार्यों का मूलयांकन करें और उन क्षेत्रों की पहचान करें, जिन्हें बेहतर करना है।  अपने दिन...

समय का प्रबंधन करना

अपने समय का प्रबंधन करना समय का प्रबंधन एक सरल तंत्र है , जिसका उपयोग करके आप टालमटोल की आदत से उबर सकते हैं। इसमें आत्म-अनुसाशन , इक्षाशक्ति और व्यक्तिगत व्यवस्थापन की आवश्यकता होती है , लेकिन पुरुस्कार भी बहुत बड़े होते हैं। इस तंत्र का उपयोग करने से आपकी उत्पादकता,प्रदर्शन ,परिणाम और आमदनी दो-तीन गुना बढ़ सकती है। दिन की शुरुआत करने से पहले उस दिन करने वाले कार्यों की सूचि बना लें। सूची बनाने का सबसे अच्छा समय एक दिन पहले रात को होता है ,ताकि आपका अवचेतन मन आपके सोते समय भी इस गतिविधि-सूची पर काम कर सके। इसी वजह से सुबह जागने पर आपके मन में अक्सर ऐसे नए विचार आते हैं जिनसे आप दिन के कामों को ज्यादा कारगर तरीके से पूरा कर सकते हैं। फिर अपनी सूचि में ए , बी ,सी , डी , ई  विधि का उपयोग करें - ए = करना ही होगा - न करने का गंभीर परिणाम ; बी = करना चाहिए  - करने या न करने के हल्के परिणाम ; सी = करना अच्छा है - चाहे करें या न करें , कोई परिणाम नहीं होता ; डी = सौंपें - जो काम दूसरों को सौंप सकते हैं , उन्हें लोगों को सौंप कर आप उन कामों के लिए जयादा खाली करते...

प्रत्येक दिन

आपके जीवन की फिल्मन कैसी चल रही है ?क्या आपको सेहत पैसा या संबंधों में कोई परिवर्तन करने की जरुरत है ? क्या आप इसे संपादित करना चाहते हैं ? आज ही अपनी फिल्म में मनचाहे परिवर्तन करने का दिन है,क्यूंकि आज के ही परिवर्तन कल परदे पर दिखेंगे। आज ही परवर्तन का दिन है। आप अपने जीवन की फिल्म बना रहे हैं और यह आपके हाथों में है -प्रत्येक दिन। हालाँकि सिखने को बहुत कुछ है और अध्यन करने के लिए भी बहुत कुछ है ,लेकिन जीवन का सत्य आपके आस-पास के संसार की हर चीज में है ,बसर्ते आपके पास उसे देखने वाली आँख हो। यह सिर्फ हमारा अज्ञान और बनी-बनाई मान्यताएँ हैं ,जो हमें सत्य के प्रति अँधा कर देती है। अपने भीतर प्रश्न  पूछना जारी रखें ,सीखना जारी रखें ,निश्चित मान्यताओं को छोड़ना जारी रखें और सत्य सामने प्रकट हो जायेगा। "जब आप किसी महान उद्देश्य ,किसी असाधरण योजना से प्रेरित होते हैं ,आपके सरे विचार बंधन तोड़ देते हैं ;आपका मन सीमाएं पार कर जाता है ,आपकी चेतना का हर दिशा में विस्तार  और आप खुद को एक नए ,महान और अद्भुत संसार में पाते  हैं। निष्क्रिय शक्तियाँ ,योग्यताएँ तथा प्रतिभा...