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Showing posts from December 24, 2017

-ब्रायन ट्रेसी के मोटिवेशनल कोट्स

ब्रायन ट्रेसी का जन्म 5 जनवरी 1944 एक कनाडाई-अमरीकन आत्म-विस्वास और प्रेरक सार्वजानिक वक्ता और लेखक है वह सत्तर से अधिक पुष्तकों के लेखक हैं ,जिनका दर्जनों भाषाओँ में अनुवाद किया गया है। उनकी लोकप्रिय पुस्तकें ,अर्न व्हाट यू आर रियली ,इट दैट फ्रॉग! और द साइकोलॉजी ऑफ़ अचीवमेंट है आइये इनके मोटिवेशनल विचारों को जानते हैं।-ब्रायन ट्रेसी के  मोटिवेशनल कोट्स 1 जिंदगी में कॉम्बिनेशन लॉक जैसी जैसी होती है ,बस इसमें अंक ज्यादा होते हैं। अगर आप सही क्रम में सही नंबर घुमाएंगे तो ताला खुल जायेगा। ब्रायन ट्रेसी मैंने पाया है की भाग्य की भविष्यवाणी की जा सकती है। यदि आप अधिक भाग्य चाहते हैं ,तो ज्यादा जोखिम लें। ज्यादा सक्रीय बनें। ज्यादा बार नजर में आएं। ब्रायन ट्रेसी यहाँ नौकरी के क्षेत्र में सफलता पाने का तीन हिस्सों का सरल फार्मूला बताया जा रहा है : थोड़ी जल्दी आएं ,थोड़ी ज्यादा मेहनत से काम करें और थोड़ी ज्यादा देर तक ऑफिस में रुकें। इस फॉर्मूले का पालन करने पर आप अपने प्रर्तिस्पर्धाओं से आगे निकल जाएंगे की वे आपकी बराबरी नहीं कर पाएंगे। ब्रायन ट्रेसी सेल्सप...

ध्येय सफलता का रास्ता है

क्या आपके पास ध्येय है ? आपका कोई ध्येय होना चाहिए क्यूंकि बिना किसी गंतव्य के उस पर पहुँचना उसी तरह मुश्किल है जिस तरह किसी जगह पर बिना जाये वहाँ से वापिस आना। जब तक आपके अंदर कोई निश्चित ,असंदिग्ध व स्पष्ट रूप से निर्धारित लक्ष्य नहीं है ,आप अपने अंदर निहित अधिकतम सम्भवता को अनुभव नहीं कर सकते। अनिश्चितता के साथ भटकने से इसे आप पा नहीं सकते , इसके लिए आप में सार्थक का विशिष्टता का होना जरुरी है। आपका अपने और अपने ध्येय के बारे में  में क्या विचार है ? क्या वे स्पष्ट हैं या धुंधले हैं ? गतिविधि में कार्य सम्पन्नता का भ्रम पाल लेना - एक वैज्ञानिक ने एक गुलदस्ते के चारों ओर इन्हें बड़ी सावधानी से इस प्रकार व्ययस्थित किया की सबसे आगे वाली तितली सबसे पीछे वाली को छूती हुई पूरा एक वृत्त बना रही थी गुलदस्ते के के केंद्र में उसने चीड़ का फल रखा जो की तितलियों का आहार है। तितलियाँ उस गुलदस्ते का चक्कर लगाने लगी। घंटे ,दिन और रात गुजरते गए और वो चक्कर लगाती रही।  पुरे सात दिन वो सातों दिन और सात रातों तक वे उस गुलदस्ते के चारों  ओर घूमती रही। अंत में वे भूख और थकान क...

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विस्वास हासिल करने का अचूक तरीका

आज के पोस्ट में मैं आपको बताने जा रहा हूँ की आप किसी भी इंसान का विस्वास हासील कैसे कर सकते हैं ? विस्वास के  काबिल बनें। असली टेस्ट यह नहीं है की क्या सामने वाला विस्वास करेगा ,बल्कि साली टेस्ट यह है क्या आपको इस पर विस्वास है ? जबकि गलती हम यह करते हैं की दुनिया को समझने की कोसिस करते हैं पर कहीं-न-कहीं शक हमारे दिमाग भी रहता है। अपने आप में विस्वास जगाने के लिए दूसरों का विस्वास हासिल करने का अनिवार्य नियम है-  अपने बिज़नेस का ज्ञान रखिये।  ..आधा-अधूरा  नहीं पूरा रखना होगा ,याद रखें आपके प्रोडक्ट्स की जितनी ज्ञान होगी जीत उतनी आसान होगी क्यूंकि आपके जंग के वही असली हथियार है -ज्ञान। चलते रहिये और ज्ञान बढ़ाते रहिये। दूसरों के विस्वास को जितने और बनाये रखने का एक और तेज तरीका विश्व के महान कूटनीतिज्ञ बेंजमिन फ्रेंक्लिन के नियम  का  पालन करना है- मैं कभी किसी के बारे में जितना अच्छा बोल सकता हूँ ,अच्छा बोलूंगा। अपने प्रतिद्विंदि का भी तारीफ करूँगा। अतिश्योक्ति के बजाय अंडरस्टेटमेंट या न्यूनोक्ति की आदत डालें। कार्ल की यह फिलॉसोफी याद रखें :...

समय का प्रबंधन करना

अपने समय का प्रबंधन करना समय का प्रबंधन एक सरल तंत्र है , जिसका उपयोग करके आप टालमटोल की आदत से उबर सकते हैं। इसमें आत्म-अनुसाशन , इक्षाशक्ति और व्यक्तिगत व्यवस्थापन की आवश्यकता होती है , लेकिन पुरुस्कार भी बहुत बड़े होते हैं। इस तंत्र का उपयोग करने से आपकी उत्पादकता,प्रदर्शन ,परिणाम और आमदनी दो-तीन गुना बढ़ सकती है। दिन की शुरुआत करने से पहले उस दिन करने वाले कार्यों की सूचि बना लें। सूची बनाने का सबसे अच्छा समय एक दिन पहले रात को होता है ,ताकि आपका अवचेतन मन आपके सोते समय भी इस गतिविधि-सूची पर काम कर सके। इसी वजह से सुबह जागने पर आपके मन में अक्सर ऐसे नए विचार आते हैं जिनसे आप दिन के कामों को ज्यादा कारगर तरीके से पूरा कर सकते हैं। फिर अपनी सूचि में ए , बी ,सी , डी , ई  विधि का उपयोग करें - ए = करना ही होगा - न करने का गंभीर परिणाम ; बी = करना चाहिए  - करने या न करने के हल्के परिणाम ; सी = करना अच्छा है - चाहे करें या न करें , कोई परिणाम नहीं होता ; डी = सौंपें - जो काम दूसरों को सौंप सकते हैं , उन्हें लोगों को सौंप कर आप उन कामों के लिए जयादा खाली करते...

प्रत्येक दिन

आपके जीवन की फिल्मन कैसी चल रही है ?क्या आपको सेहत पैसा या संबंधों में कोई परिवर्तन करने की जरुरत है ? क्या आप इसे संपादित करना चाहते हैं ? आज ही अपनी फिल्म में मनचाहे परिवर्तन करने का दिन है,क्यूंकि आज के ही परिवर्तन कल परदे पर दिखेंगे। आज ही परवर्तन का दिन है। आप अपने जीवन की फिल्म बना रहे हैं और यह आपके हाथों में है -प्रत्येक दिन। हालाँकि सिखने को बहुत कुछ है और अध्यन करने के लिए भी बहुत कुछ है ,लेकिन जीवन का सत्य आपके आस-पास के संसार की हर चीज में है ,बसर्ते आपके पास उसे देखने वाली आँख हो। यह सिर्फ हमारा अज्ञान और बनी-बनाई मान्यताएँ हैं ,जो हमें सत्य के प्रति अँधा कर देती है। अपने भीतर प्रश्न  पूछना जारी रखें ,सीखना जारी रखें ,निश्चित मान्यताओं को छोड़ना जारी रखें और सत्य सामने प्रकट हो जायेगा। "जब आप किसी महान उद्देश्य ,किसी असाधरण योजना से प्रेरित होते हैं ,आपके सरे विचार बंधन तोड़ देते हैं ;आपका मन सीमाएं पार कर जाता है ,आपकी चेतना का हर दिशा में विस्तार  और आप खुद को एक नए ,महान और अद्भुत संसार में पाते  हैं। निष्क्रिय शक्तियाँ ,योग्यताएँ तथा प्रतिभा...