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Showing posts from February 19, 2018

-ब्रायन ट्रेसी के मोटिवेशनल कोट्स

ब्रायन ट्रेसी का जन्म 5 जनवरी 1944 एक कनाडाई-अमरीकन आत्म-विस्वास और प्रेरक सार्वजानिक वक्ता और लेखक है वह सत्तर से अधिक पुष्तकों के लेखक हैं ,जिनका दर्जनों भाषाओँ में अनुवाद किया गया है। उनकी लोकप्रिय पुस्तकें ,अर्न व्हाट यू आर रियली ,इट दैट फ्रॉग! और द साइकोलॉजी ऑफ़ अचीवमेंट है आइये इनके मोटिवेशनल विचारों को जानते हैं।-ब्रायन ट्रेसी के  मोटिवेशनल कोट्स 1 जिंदगी में कॉम्बिनेशन लॉक जैसी जैसी होती है ,बस इसमें अंक ज्यादा होते हैं। अगर आप सही क्रम में सही नंबर घुमाएंगे तो ताला खुल जायेगा। ब्रायन ट्रेसी मैंने पाया है की भाग्य की भविष्यवाणी की जा सकती है। यदि आप अधिक भाग्य चाहते हैं ,तो ज्यादा जोखिम लें। ज्यादा सक्रीय बनें। ज्यादा बार नजर में आएं। ब्रायन ट्रेसी यहाँ नौकरी के क्षेत्र में सफलता पाने का तीन हिस्सों का सरल फार्मूला बताया जा रहा है : थोड़ी जल्दी आएं ,थोड़ी ज्यादा मेहनत से काम करें और थोड़ी ज्यादा देर तक ऑफिस में रुकें। इस फॉर्मूले का पालन करने पर आप अपने प्रर्तिस्पर्धाओं से आगे निकल जाएंगे की वे आपकी बराबरी नहीं कर पाएंगे। ब्रायन ट्रेसी सेल्सप...

कड़वे प्रवचन #2

मुनिश्री तरुण सागर जी  कहते हैं आपसे निवेदन है की जीवन  लिए जीवन के परिवर्तन के लिए इस मुल्क के आधत्यम ने कहा- चेहरों को कितना का कितना भी चमका लो दोबारा कल फिर से वैसा ही हो जायेगा इस से अच्छा है मन को चमका लो जीवन अपने आप चमक जाते हैं। मुनिश्री तरुण सागर जी  कहते हैं लोग मंदिर कपडे बदल-बदल कर जाते हैं मेरा अपना मानना  है की सिर्फ कपड़ों को बदल कर मत जाइये अपना मन बदल कर जाइये ,हमारा बच्चा रोता  है तो दिल में दर्द  होता है और दूसरे  का बच्चा रोता  है तो सर में दर्द। अपना बच्चा रोये तो दिल  में दर्द ये तो राग है और दूसरे का रोये तो सर में दर्द ये द्वेष है और ये राग द्वेष की वृद्धि ही संसार है। लेकिन आज का आदमी इतना बईमान है ,मंदिर में बैठा है और मन में बोल रहा होता है -हे भगवान मैं सुखी रहूं मेरे  बच्चे सुखी रहें बाकि दुनिया जाये भाड़ में ,लेकिन उसको पता नहीं है की दुनिया भाड़ में जाये न जाये तू जरूर जायेगा भाड़ में। इसलिए तो इस मुल्क के मुनियों ने,ऋषियों ने ,संतों ने कहा संतों ने कहा -आदत को क...

documentory of diamondship

समय का प्रबंधन करना

अपने समय का प्रबंधन करना समय का प्रबंधन एक सरल तंत्र है , जिसका उपयोग करके आप टालमटोल की आदत से उबर सकते हैं। इसमें आत्म-अनुसाशन , इक्षाशक्ति और व्यक्तिगत व्यवस्थापन की आवश्यकता होती है , लेकिन पुरुस्कार भी बहुत बड़े होते हैं। इस तंत्र का उपयोग करने से आपकी उत्पादकता,प्रदर्शन ,परिणाम और आमदनी दो-तीन गुना बढ़ सकती है। दिन की शुरुआत करने से पहले उस दिन करने वाले कार्यों की सूचि बना लें। सूची बनाने का सबसे अच्छा समय एक दिन पहले रात को होता है ,ताकि आपका अवचेतन मन आपके सोते समय भी इस गतिविधि-सूची पर काम कर सके। इसी वजह से सुबह जागने पर आपके मन में अक्सर ऐसे नए विचार आते हैं जिनसे आप दिन के कामों को ज्यादा कारगर तरीके से पूरा कर सकते हैं। फिर अपनी सूचि में ए , बी ,सी , डी , ई  विधि का उपयोग करें - ए = करना ही होगा - न करने का गंभीर परिणाम ; बी = करना चाहिए  - करने या न करने के हल्के परिणाम ; सी = करना अच्छा है - चाहे करें या न करें , कोई परिणाम नहीं होता ; डी = सौंपें - जो काम दूसरों को सौंप सकते हैं , उन्हें लोगों को सौंप कर आप उन कामों के लिए जयादा खाली करते...

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कुछ भी संभव है

कुछ भी संभव है  इम्पॉसिबल क्या है ? कुछ नहीं। सबकुछ संभव है। हमलोग रोज देखते हैं की कुछ लोग कुछ नहीं होते हैं हमलोग  रोज देखते हैं की कुछ लोग काम जब शुरुआत करते हैं तो उनके पॉकेट में कुछ नहीं होता है लेकिन मरने से पहले उनके पास पूरा संसार है ,यह है क्योँकि वे इसे देख सकते हैं वास्तव में जो वे देखना चाहते हैं यदि आप इसे अपने दिमाग ,में देखते हैं यह आपकी जिंदगी में हो सकता है यदि किसी ने आपसे पहले इसे प्राप्त किया है तो आप भी इसे प्राप्त कर सकते हैं मैं आपको गॉरन्टी दे सकता सकता हूँ आप जो कुछ भी ढूंढ रहे हैं उसी संदर्भ में इसी महान दुनिया में लोग उसे प्राप्त कर रहे हैं। कहानी ढूंढें। आदर्श बनायें और उस से बेहतर कर के दिखाएँ कोई मैटर  नहीं करता की आपके त्वचा का रंग कौन  सा है ? कोई मतलब नहीं की आपने कहाँ  जन्म लिया है ? कोई मतलब नहीं की आपके दोस्त रिस्तेदार परिवार का दायरा क्या है ? सिर्फ एक तत्व पे निर्भर करता है वह है आप ! आप जो सोंचते हैं  संभव है कुछ भी संभव  है  लेकिन यह तभी संभव हो सकता है जब आप ...

आप शिखर पर तब होते हैं , जब .....

आप शिखर पर तब होते हैं , जब ..... आप स्पष्ट रूप से समझ लें की असफलता मात्र एक घटना है कोई व्यक्ति नही    है ; की आपका पिछली रात को समाप्त हो चुका है और आज आपका बिलकुल नया दिन है ।   आपने अतीत के साथ मित्रता की है , आपका ध्यान वर्तमान पर केंद्रित है और अपने भविष्य के प्रति आशावादी हैं ।   आप जानते हैं कि सफलता ( एक जीत ) आपको बनाती नहीं है और असफलता ( एक हार ) आपको तोड़ती है नहीं है ।   आप विश्वास , आशा और प्रेम से परिपूर्ण है , और क्रोध , लालच अपराधबोध , ईर्ष्या या बदले की भावना से अलग रह कर जीते हैं ।   आप पर्याप्त रूप से इतने परिपक्व हैं की अपनी संतुष्टि को थोड़ी देर के टाल सकते हैं और अपना ध्यान अधिकारों से दायित्वों की ओर स्थान्तरित कर सकते हैं ।   आप यह बात जानते हैं की जो चिज नैतिक रूप से सही है , उसका समर्थन करने में असफल रहना , आपराधिक रूप से ग़लत चीज़ का शिकार होने की शुरुआत है ।...

A B C of नेटवर्क मार्केटिंग

नेटवर्क मार्केटिंग A B C नेटवर्क मार्केटिंग का सेक्टर बहुत बहुत बड़ा है पर अभी लोगों का सोंच सकरात्मक नहीं है नेटवर्क इंडस्ट्री को लेकर इसलिए अभी इसमें जो कोई भी सफलता लेना चाहे तो आसानी से ले सकता है क्यूंकि अभी कॉम्पिटिशन नहीं है। इसलिए अभी ऐसी कंपनी का नाम जैसे ही आपके कानों में पड़े तो जरूर कंपनी के बारे में जाँच परख कर जरूर आएं। पर आ[पको इसका abc समझना भी जरुरी है। A = ऐटिटूड ( नजरिया)-सकरात्मक सोंच की जगह कोई नहीं ले सकता है। लोग उनके साथ मिलना जुलना पसंद करते हैं जो उनको अच्छा अहसास कराये ,वो जायदा अच्छे हैं जो कहते हैं कुछ तो मिला ,किसी को तो इतना भी नहीं बजाय कम्प्लेन करने के खुश रहते हैं आधा भी पाकर। बहुत कुछ ऐसा है जिसपे आपका कण्ट्रोल न हो पर सकरात्मक रवैया पर है इसलिए हमेशा सकरात्मक बने रहें। बड़े नेटवर्क के लिए आपका हर समय सकरात्मक रवैया जरुरी है। कैंसर का का आप इलाज ढूंढ सकते हैं क्यूंकि आपको पता चल गया है की आपको किसी ने  कहा है लेकिन डाइबेटीइज  का क्या ? कुछ लोग हमारे आपके पास भी डाइबेटीइज की तरह ही होने हैं नकरात्मक इनका इलाज हम नहीं कर ...